लघु फिल्म निर्देशक – श्री कुणाल

कुणाल :
मूल नाम : शिवनारायण झा। झन्म : 02.01.1995। जन्म स्थान – ग्राम एवं पोस्ट – पाली महोन, थाना-खजौली, जिला-मधुबनी, बिहार ! शिक्षा-बी.एससी, श्री.डव्ल्यू.ए। पेशा – एकाउन्टेंसी।
1965 सँ कविता-कथा लेखन। 1975 में रंगकर्मी। लेखन, निर्देशन, अभिनय एवं शोध। मैथिलीक निजी रंग-विधानक विशेष आग्रही एहि संदरभ मे, किरतनिञा नाटकक पूर्नस्थापनाक लेल पुनर्रचना एवं नियमित प्रदर्शन एहि संग लोक नाट¬-नाचक विशेष अध्ययन, लेखन एवं प्रदर्शन। मैथिली रंगकर्म के चैम्बर ड्रामा रंगशिल्प के प्रणेता आ मैथिली रंगमंच के राष्ट्रिय फलक पर अननिहार।
कथा,कविता नाटकक संग रंगकर्मक सैद्धांतिक पक्ष, जीवन एवं राजनीति पर निरंतरन लेखन।
मैथिलीक संग हिन्दी मे सेहो सक्रिय।
रंगकर्मक संग सिरियल, डाक्यूमेंट्री आ फिल्मक लेखन-निर्देशन।

कतिपय उल्लेख नाटक-प्रदर्शन
रूक्मिणी हरण / सीतायन / विद्यापति/कुसुमा-सलहेस/पारिजात हरण / लोरिकाइन / गोलू झाक खिस्सा / पांच प्रश्न / नो एन्ट्री / टटकाल दर्शन / लाढ़ेनाथ…..
हिन्दी नाटक रचना
बर्बरीक उवाच / वैशाली / चलो एकबार फिर से / स्वेता-हरिता / घोलो रानी / नित्य लीला।
मैथिली नाटक रचना
ज्ञान झाक खिस्सा / विदापत / कुसुमा-सलहेस / घोघोरानी। नित्यलीला / डर / चारिटा सुखांत (स्त्री विमर्श पर चारिटा एकांकी)
पुनर्लेखन / प्रदर्शन आलेख
रुक्मिणी हरण / सीतायन / धूर्तसमागम / पारिजात हरण / पांच-प्रश्न / लोरिकाइन / भग्न स्तूपक एकट / अक्षत स्तंभ

अनुवाद
भगवान जी औता (वेटिंग फॉर गादो-बेकेट) / बाकी इतिहास खदल सरकार) / खजन चिडि़इया एहिना आबय (विजय तेंदुलकर) रंगमंचक कविता (वर्रोल्ट ब्रोख्त), कतिपय कथा एवं कविता सब…..
रेडियो नारक
गोनू झा (तेरस एपिसोड) एवं कतिपय एकांकी :
विडियो काज
थ्    सीतायन – टेली प्ले ।
थ्    मिथिला चित्रकला / मिथिला के संस्कार गीत / विद्यापति एन्ड हिज एनफ्लुएंज ऑफ बांग्ला – डाक्यूमेंट्री
थ्    गोरीक / कनिञा काकी – लघु कथा चित
थ्    नैन न तिरपिल भेल – मैथइलीक पहिल टेली सिरियल के 52-52 एपीसोड के संवाद लेखन एवं अभियान।
53-78 एपीसोड के लेखन – निर्देशन।
थ्    डी.डी. बिहार लेल यात्री/नागार्जुनक उपन्यास बलचनमा पर आधारित 27 अपिसोडक पटकथा एवं संवाद लेखन।
अकेले नहीं है आप / खारिज / अंतराल …. लघु कथाचित सभक पटकथा एवं संवाद लेखन।
ऑडियो काज
थ्    नाट¬ संगीत : रुक्मिणी हरण / सीतायन (संगीत सीताराम सिंह)
थ्    विद्यापति गीत : भनहि विद्यापति : (संगीत-सीताराम सिंह)
साहित्य-विमर्श :
थ्    कथा-कविता, रंग-विमर्श, जीवन-राजनीति पर निरंतर लेखन आ विभिन्न पत्र-पत्रिका सब मे प्रकाशन।

वर्तमान पता :
फ्लैट नं. 302/राजलक्ष्मी रेजिडेंसी। बी-35, बुद्ध कॉलोनी, पटना-800001
मोबाइल : ह्वाट्सएप – 9334339348
ई-मेल : snjha.kunal@gmail.comkunal@hotmail.com

Kunal (Poet, Dramatist, and Director)

Full Name: Shiv Narayan Jha

Date of Birth: 02.01.1951

Education: B.Sc., CWA Inter

Permanent Address: At+po.-Palimohan, via khajauli, Distt.-Madhubani (Bihar). Present Address: Rajlaxmi Residency, Flat No: 302, B-35 (Opp. B-30), Buddha Colony, Patna – 800001

Phone : (R) 0612-2525464 (M) 09334339348.

Literary Work: Poems: Meetak Nam: Anthology of the poem in Maithilee published in 1982. Samay Sandarbh: Anthology of long poems in Maithilee, published in Antika. RoopKatha: Anthology of long poems, unpublished. Assorted poems: More than 100 poems in Maithili published in several magazines, journals. Participations in numerous Kavi-Sammelans and recital on Radio and Doordarshan. Short Stories: About two dozen short stories in Maithili published in several magazines.

Drama (Maithili): Chetnik Swar: Published in Lok-Ved magazine. Chaalis Chor Aa Gonu Jha Urf Gyan Jhak Khissa: A play in Maithili on the myth of Gonu Jha, Published in Bhangima. Kusuma Salsa: A play based on the folk-Epic Raja Sales, Published in Antika. Vidapat: A play in the style of Vidapat Nach, based on the life and work of legendary poet Vidyapati, published in Antika. Charita Sukhant: A collection of four plays based on four women of strong will power referred in sub-texts of Mahabharata, published in Mithila Darshan. Ghogho Rani: Children’s play, published in Jakhan-Takhan. Others: About a dozen short plays and Radio plays published in several magazines. Drama (Hindi): Barbareek Uvaach: A modern play based on a myth of Barbareek (Son of Bhima and Hidimba).